रियासी ज़िले के मुख्य बाज़ार क्षेत्र के आसपास नालियों और गलियों में चल रहे कंस्ट्रक्शन कार्य को लेकर स्थानीय लोगों में नाराज़गी देखी जा रही है। मौके पर जारी काम में जिस तरह से पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, उसे देखकर गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि काम में मानक के अनुसार सामग्री का उपयोग नहीं हो रहा और यह स्पष्ट नहीं है कि इसमें कितने प्रतिशत सही किस्म के पत्थर लगाए जा रहे हैं।

निर्माण स्थल का नज़ारा यह संकेत देता है कि पत्थरों की मात्रा और गुणवत्ता दोनों ही संदेह के दायरे में हैं। यदि कार्य इसी प्रकार से आगे बढ़ता रहा, तो इसकी मजबूती और टिकाऊपन पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। लोगों का आरोप है कि काम जल्दबाज़ी में किया जा रहा है, जिससे भविष्य में यह निर्माण जनता के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस तरह के कार्य को जूनियर इंजीनियर (JE) की देखरेख में मंज़ूरी दी जा रही है? अगर हाँ, तो फिर गुणवत्ता मानकों की अनदेखी क्यों हो रही है। स्थानीय निवासियों ने ज़िला प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।