कटरा (जम्मू और कश्मीर) — श्री माता वैष्णो देवी के रोपवे परियोजना के विरोध में स्थानीय लोगों और विशेष रूप से महिलाओं का आंदोलन जारी है। भारी संख्या में महिलाएँ, युवा और परिवारों ने रोपवे के निर्माण को धार्मिक तथा आर्थिक रूप से खतरनाक बताया और जोर देकर कहा कि रोपवे परियोजना को रद्द किया जाना चाहिए।

स्थानीय श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति के नेताओं का कहना है कि प्रस्तावित ₹250 करोड़ का रोपवे परियोजना कटरा के हजारों परिवारों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो यत्रा के मार्ग में व्यापार, पिट्ठू या पालकी जैसी सेवाओं पर निर्भर हैं। विरोधियों का दावा है कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था कमजोर होगी और रोजगार में गिरावट आएगी।

प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर स्थानीय विधायक और प्रशासन से कहा कि उन्होंने जनता की भावना का समर्थन करना चाहिए और रोपवे परियोजना के खिलाफ खड़े होना चाहिए। संघर्ष समिति के सदस्यों ने जोर देकर कहा कि कटरा के लोगों का साथ देना और रोपवे के विरोध में एकजुट रहना आवश्यक है।

इस दौरान कई लोग स्लोगन लगा रहे थे “नो रोपवे” तथा “कटरा के हित पहले” जैसे नारे, जिनमें महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से दिखी गई। स्थानीय व्यापारी संगठन भी इस विरोध में शामिल हुए और कहा कि पर्यटन का विकास आवश्यक है, लेकिन यह विकास स्थानीय लोगों की रोज़ी-रोटी के नुकसान के बिना होना चाहिए।

रोपवे समर्थकों का कहना है कि इसके बनने से वरिष्ठ नागरिकों, विमार लोगों और बच्चों को मंदिर तक आसान पहुँच मिलेगी, लेकिन विरोधी इसे स्थानीय संस्कृति एवं रोजगार को समाप्त करने वाला कदम मानते हैं।