रियासी: जम्मू-कश्मीर औषधीय पादप बोर्ड द्वारा आयुष निदेशालय एवं जिला प्रशासन रियासी के सहयोग से आज औषधीय पौधों के संरक्षण, खेती और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला स्तरीय सेमिनार का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर उपायुक्त रियासी निधि मलिक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने अधिकारियों और फील्ड फंक्शनरियों को निर्देश दिए कि वे कृषि विज्ञान केंद्रों तथा अन्य माध्यमों से किसानों तक औषधीय पौधों, सरकारी योजनाओं और उद्यमिता से जुड़ी जानकारियां प्रभावी ढंग से पहुंचाएं।

उपायुक्त ने कहा कि मिश्रित खेती करने वाले किसान औषधीय पौधों की खेती अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने किसानों और छात्रों से आयुष से जुड़ी केंद्रीय व केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आगे आने का आह्वान किया।

सेमिनार के दौरान औषधीय पादप बोर्ड और आयुष विभाग के विशेषज्ञों ने प्राथमिक औषधीय प्रजातियों, नर्सरी विकास, गुणवत्ता मानकों, कटाई उपरांत प्रबंधन तथा खेती, प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन इकाइयों के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता पर विस्तृत प्रस्तुतियां दीं। साथ ही जैव विविधता संरक्षण और सतत दोहन के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।

कार्यक्रम में निदेशक आयुष डॉ. सुरेश कुमार शर्मा, मुख्य बागवानी अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी आयुष सहित बड़ी संख्या में किसान, छात्र, अधिकारी एवं फील्ड स्टाफ उपस्थित रहे।